जिंदगी हमारी इधर इक खुली किताब भले ही हो
मगर उसको पढ़ने के सलीके बेहतर रखिये। #सविता मिश्रा #अक्षजा
बस अभी अभी दिल कह गया।
#सोच को रोक सका क्या कोई
--००--
मेरी जिंदगी की शाम हो तो ऐसी हो
कि अभी अभी हुआ भोर हो की जैसी हो। #sm
----००----
बेनकाब हो जाने का जुनून है सर पर
शर्त यह है आइना सा कोई हो सामने |..सविता यूँ ही
---००----
खुद की उलझनों में उलझ कर प्रभु को
भूल जाना इंसानी फितरत तो ना थी
जब जब उलझता है सुलझने के बाद
उसी को याद कर करके शिकवा करता |
---००---
मगर उसको पढ़ने के सलीके बेहतर रखिये। #सविता मिश्रा #अक्षजा
बस अभी अभी दिल कह गया।
#सोच को रोक सका क्या कोई
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मेरी जिंदगी की शाम हो तो ऐसी हो
कि अभी अभी हुआ भोर हो की जैसी हो। #sm
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बेनकाब हो जाने का जुनून है सर पर
शर्त यह है आइना सा कोई हो सामने |..सविता यूँ ही
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खुद की उलझनों में उलझ कर प्रभु को
भूल जाना इंसानी फितरत तो ना थी
जब जब उलझता है सुलझने के बाद
उसी को याद कर करके शिकवा करता |
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जन्म लेते ही पेट के लिए जद्दोजहद शुरू हो जाती है और मरने तक कायम रहती है
😂 पापी पेट का सवाल है। Savita Mishra
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