ऐसा कुछ लिखने की चाहत जो किसी की जिंदगी बदल पाए ...मन के अनछुए उस कोने को छू पाए जो इक कवि अक्सर छूना चाहता है ...काश अपनी लेखनी को कवि-काव्य के उस भाव को लिखने की कला आ जाये ....फिलहाल आपको हमारे मन का गुबार खूब मिलेगा यहाँ ...जो समाज में यत्र तत्र बिखरा है ..| दिल में कुछ तो है, जो सिसकता है, कराहता है ....दिल को झकझोर जाता है और बस कलम चल पड़ती है |
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अक्टूबर 03, 2014
===दिल की गहराइयों से === : क्या रावण को सच में पापी की संज्ञा दे पुतला दहन कि...
===दिल की गहराइयों से === : क्या रावण को सच में पापी की संज्ञा दे पुतला दहन कि...: यह सिर्फ हमारे विचार है जरुरी नहीं सभी सहमत ही हो यदि किसी को आपत्ति है तो हमें खेद है ............ रावण एक प्रभावी व्यक्तित्व के स्वा...
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