न बाबा न
हम तो नहीं कह सकते
कोई ऐसी बात
जो पहुंचाए
किसी को भी आघात।
शिक्षक तो हैं
बच्चों के भविष्य की
नींव की ईंट
सरकारों ने किया
अक्सर उनसे चीट
अव्यवस्था की पड़ी है
उनपर आज भारी मार
साबित करने पर वो तुला
सबसे असहाय है वह किरदार।
खाली पड़ी हैं कई शिक्षक सीट
पास करने की शर्त रखी है नीट
कई कच्ची ईंटें बैठाई गई हैं
तो कई लोना ही खाई हुई हैं
जिन्हें आती नहीं टीचर की स्पेलिंग
वह कर रहें टीचर-सीट की हीलिंग |
ट्यूशन का बढ़ा है कारोबार
कोचिंग-सेंटर हुए हैं गुलजार
जहाँ ठेके पर बच्चें पास किये जाते हैं
भविष्य के साथ खिलवाड़ किये जाते हैं
कैसे बने मंजिल मजबूत
जब मिलावट नींव में ही
बहुत ज्यादा मात्रा में
गहराई तक पाई गई है।
शिक्षण-संस्थाओं में लग गई है घुन
पढ़ाई का रवैया हुआ बड़ा ढुलमुल |
स्कूलों के हालात
बड़े भयावह हैं भैया
मासूम बच्चों को
मारने पर रोक क्या लगी
अब तो वहां बलात्कार
और हत्या तक होने लगी।
न बाबा न
मुख अपना हम
नहीं खोलते हैं
झूठ के खिलाफ हम
सच्चाई को नहीं बोलते हैं।
सविता मिश्रा 'अक्षजा' २१/९/2017



2 टिप्पणियां:
अति सुन्दर हृदयस्पर्शी रचना जय हिन्द जय भारत
जयहिंद, शुक्रिया
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