इतने !
इतने
😊

इतने गन्दे है हम कि
अच्छे लोग
🐦

पोस्ट पर आते हैं-
समझाने हमको
🐰

पर हमारी ही समझ पर
लानत भेज भाग जाते हैं
😉

कहाँ?
कहाँ क्या!
कुछ ब्लाक करके
कुछ ऐसे ही उलटे पाँव
अपने घर को (वाल)!
और कहाँ!!
😊

फिर??
फिर क्या !
हम भी मन मार
उन्हें महापागल कहके
संतुष्ट हो लेते।
😊

और कुछ ?
कुछ तो
समझा
समझाकर
🐥

समझ के पागल हमे
चुप्पी लगा जाते हैं
☺
☺


तब ?
तब क्या !
उनकी पोस्ट देखकर
हम भी कुछ
अइसने ही समझ
अनदेखा करके
चुप्पे चले आतें !
👻
😁


और जो
पोस्ट पर आते वो!
वो
वो क्या समझ आतें ?
राम जाने !
शायद वो
पागल हमको न माने
हम उन्हें पानी पिलाकर ही
अपनी पोस्ट से देते जाने।
😊
😊


और जो !
सोये पड़े वो ?
उन्हें पानी
पिला पिलाकर
मन करता है
बाहर निकालें !!
क्यों?
क्योंकि
खरबूजे को देखकर ही
खरबूजा रंग बदलता
कुछ मेरे साथ भी
ऐसा ही करतें हैं
फिर हम क्योंकर
न करें!!
😛

हम आत्मियता में
फंसे रहतें
😊
😊


और वो
हमें आँख दिखाते!
हम बर्दाश्त
करें फिर उन्हें
यह हमारी प्रवित्ति
में कहाँ!!
😊
😊


दिल करता
उन्हें उनकी
औकात दिखला दे
😷

भौ भौ करते जो
😊

उन्हें आईना
पकड़ा दें!!
#सविता मिश्रा 'अक्षजा'
एक भैया के कहने पर बाद में मिर्च भी छिटके :P
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