1. वाह भगवान् अब हद कर दी
बनाये शैतान या रब हद कर दी।
बनाये शैतान या रब हद कर दी।
2..मरीज हुए हैरान परेशान....आगे क्लिक करने पर
http://kavitabhawana.blogspot.in/2014/03/blog-post_8.html
ऐसा कुछ लिखने की चाहत जो किसी की जिंदगी बदल पाए ...मन के अनछुए उस कोने को छू पाए जो इक कवि अक्सर छूना चाहता है ...काश अपनी लेखनी को कवि-काव्य के उस भाव को लिखने की कला आ जाये ....फिलहाल आपको हमारे मन का गुबार खूब मिलेगा यहाँ ...जो समाज में यत्र तत्र बिखरा है ..| दिल में कुछ तो है, जो सिसकता है, कराहता है ....दिल को झकझोर जाता है और बस कलम चल पड़ती है |