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सितंबर 24, 2017

बीएचयू से छनती आती खबरों पर

😊
बन्द मुँह था खोलना नहीं, कहीं कुछ भी था हमें बोलना नहीं
पर चुप न रह सकें देर तक, दिल-दिमाग को अब तोलना नहीं |

बहुत सोचा हमने। बड़े ध्यान से सबको पढ़ा लेकिन ...

मन को अपने मना नहीं पाए
हम हाँ में हाँ मिला नहीं पाए
अराजकता का यह माहौल
हम तो बर्दाश्त कर नहीं पाए।

मन कुछ कहता रहा.....

सवाल उठाने का दिल करता है
जवाब जानने का दिल करता है
बंधन की डोर तोड़ने को है जो आतुर
उन छात्राओं को रोकने का दिल करता है।

दिल से आवाज आई हमारे....😊

सब बेटियां सदा महफूज रहें
अराजकतावाद से वह दूर रहें
जहां सिंकती हो राजनीतिक रोटियां
ऐसे दकियानूसी विचारों से सदा दूर रहें। #sm #अक्षजा

सुबह से लिखना चाह रहे थे, लेकिन लिख नहीं पाए। मन बेचैन था घटनाओं से। अभी बेटी दिवस की पोस्ट पर दिल की बात कलम तक आ गयी

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