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फ़रवरी 03, 2014

भय बिन होए ना प्रीति-




कितनी बार बुलाया हमने प्रभु तुम ना आए
कितनों ने हम पर सितम ढाएं पर तुम ना आए |

हम चिखते-चिल्लाते रहें पर प्रभु तुम ना आए
कैसे द्रोपदी की एक पुकार पर तुम दौड़े आए थे |

इस युग में क्या तुम भी डर गए जो ना आए
हर युग में स्त्री का अस्तित्व हनन क्यों करवाए |

युग दर युग नारी पर अत्याचार क्यों बढ़ता जाता है
पहले था चिरहरण अब वहशी दरिंदा बन जाता है |

उस युग में बस चिरहरण कर लाज दुश्सासन ने लुटा
इस कलयुग में तो प्रभु देखो मानव गिद्ध ही बन बैठा |

प्रभु देखो हमको वह नोंच-खसोट रहा
हम बहुत चीखे-चिल्लाएं पर तू बैठा ही रहा |

हमारी यह दशा देख भी तुम क्यों ना अकुलाए
क्यों नहीं दुष्टों पर अपना सुदर्शन चक्र चलाए |

लाज लुटती रही हमारी, मानव बहशी हो गया
देखों ना प्रभु हमारी इज्जत को तार-तार कर गया |

अब तो जब तक सांस रहेगी मेरी तुझको ही कोसेंगे
बेटी क्यों बनाया हमको यही बात बस तुझसे पूछेंगे |

बनाया तो बनाया पर ऐसे कमजोर सी क्यों बनाया
आठ-दस को मार गिरायें ऐसी दुर्गा क्यों नहीं बनाया |

जब तुझे मालुम था तू भी डरकर रक्षार्थ नहीं आएगा
हमें शक्ति देता जिससे हम अपनी रक्षा आप कर पाते |

वह नारी बहुत किस्मत वाली है जिन पर दरिंदो की नजर नहीं पड़ती
कुछ ऐसी किस्मत सभी को देता तो बता प्रभु भला तेरा क्या जाता |

तू आ नहीं सकता था इस कलयुग में, डर गया था मालूम है हमें
बस तू हमें ही शक्ति दें दे यही प्रार्थना करतें हैं तुझसे तन-मन से |

हमारी शक्ति देख फिर तू हम क्या-क्या नहीं करते
गन्दी नजर से देखने वालों की आँख निकाल लेते |

गलत हरकत पर हाथ काटकर उसका मुहं काला करते
कोई नजर उठा ना देखता हमको फिर हम यूँ शान से चलते |

अदब से झुक जाती नजरें फिर तो नारी के सम्मान में
भय बिन प्रीति नहीं होती है प्रभु आजकल इस जहां में |...सविता मिश्रा

12 टिप्‍पणियां:

Digamber Naswa ने कहा…

बेटी घर की शान, आन बान है ... इसका ख्याल ओर मान सभी को रखना होगा ...

Savita Mishra ने कहा…

दिगम्बर भैया नमस्ते .......बहुत बहुत आभार आपका

pratibha sowaty ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
pratibha sowaty ने कहा…

nc post

pratibha sowaty ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Savita Mishra ने कहा…

shukriya aapka pratibha sis

Rakesh Kaushik ने कहा…

बहू - बेटियों को इज्जत देनी ही होगी - प्रेरक रचना

Savita Mishra ने कहा…

rakesh bhai abhar apka :)

Kailash Sharma ने कहा…

जब तक नारी का सम्मान नहीं होगा, समाज कभी आगे नहीं बढ़ सकता..बहुत सशक्त रचना..

संजय भास्‍कर ने कहा…

.... नारी का सम्मान करना ही होगा...अगर समाज को आगे बढ़ाना है बेहद सशक्त रचना....सविता जी आभार

Savita Mishra ने कहा…

कैलाश भैया आभार आपका दिल से

Savita Mishra ने कहा…

संजय भाई शुक्रिया आपका जो आप पढ़ कमेन्ट किये