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फ़रवरी 16, 2015

~~कुछ खास लिखूँ~~

आज दिल किया कि कुछ खास लिखूँ ,
अपने अन्तःमन में दबे अहसास लिखूँ |

छोटी-छोटी बातों से  दिल पर
हुए जो आघात लिखूँ ,
या नासूर बन गए जो उन जख्मों का हाल लिखूँ |

प्यार के अहसास की खुशफहेमियां लिखूँ ,
या व्यंग बाण की चुभन की तकलीफ लिखूँ |

जो दिल पर हमारे घाव कर निकल गए ,
उनके लिए निकली दिल से जो बद्दुआयें लिखूँ |

या प्यार से संजोया जिसने हमको रात-दिन ,
उनके लिए निकलती रोज दिल से जो दुआएं लिखूँ |

किसी की मदद कर जो दिव्य-अनुभूति हुई ,
उस अहसास को पिरो शब्दों के जाल लिखूँ |

या उसने जो दुआएं दी उससे खुद को हुई ,
जो सुखद अनुभूति उसका अहसास लिखूँ |

आज दिल कर रहा है कुछ खास लिखूँ ,
अपनी ही अहसासों के जज्बात लिखूँ |
||सविता मिश्रा ||

1 टिप्पणी:

Ramesh Pandey ने कहा…

सुन्दर एवं सारगर्भित रचना, बहुत-बहुत बधाई।