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मई 24, 2017

माँ की रूह -

मृत्यु तो सास्वत सच है जिसे कभी टाला नहीं जा सकता
माँ की रूह को बेटी के शरीर से निकाला नहीं जा सकता |
सविता मिश्रा 'अक्षजा'

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