समर्थक

अक्तूबर 03, 2016

~छन्नपकैया~


छन्नपकैया छन्नपकैया देखो तो तितली आई
भैया तुम दौड़ो, पकड़ो न उसे वह डर जाई|

छन्नपकैया छन्नपकैया देखो सुनो बंदर तुम भाई
हमसे क्या दुश्मनी, हमसे छीनकर क्यों रोटी खाई|

छन्नपकैया छन्नपकैया क्यों करते चूहें तुम धमाचौकड़ी
बिल्ली मौसी पालूँगा, फिर भूल जाओगे तुम यह हेकड़ी|

छन्नपकैया छन्नपकैया छछूंदर जीजी क्यों इधर आई
मैं डरता हूँ तुमसे, मेरी माँ कितना तुमको समझाई|

छन्नपकैया छन्नपकैया भैया कुत्ते तुम जल्दी घर आना
दिनभर खेलना मुझसे नहीं तुम तनिक भी सुस्ताना |

छन्नपकैया छन्नपकैया रानी मछली जल की
मुझे छोड़ अकेला, तुम अकड़ कहाँ चल दी |

छन्नपकैया छन्नपकैया शेरो की हो तुम मौसी बिल्ली
डरता  देख मुझे तुम उड़ाती हो हमेशा मेरी खिल्ली |

छन्नपकैया छन्नपकैया मेरे प्यारे मिट्ठू तोता भाई
तुम्हारें फायदें सुनकर ही मम्मी तुम्हें घर ले आई |

छन्नपकैया छन्नपकैया खूब दो जानवरों और panक्षी को प्यार
मम्मी पापा कहते मेरे , बदले में तुम्हें भी मिलेगा स्नेह अपार| सविता मिश्रा

कोई टिप्पणी नहीं: